ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब हुआ बेहद आसान, ऐसे करें घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई Driving Licence

भारत में किसी भी वाहन को कानूनी तौर पर सड़क पर चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) होना अनिवार्य है। चाहे वह दोपहिया हो, चारपहिया हो या कोई कमर्शियल वाहन, हर ड्राइवर को अधिकृत लाइसेंस की ज़रूरत होती है।

पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को लंबे समय तक RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब डिजिटल तकनीक की वजह से यह प्रक्रिया बेहद आसान और तेज़ हो चुकी है।


🚗 समय के साथ कैसे बदली लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया?

पहले लाइसेंस के लिए आवेदन करना मुश्किल और समय लेने वाला काम माना जाता था। आवेदन करने से लेकर लाइसेंस मिलने तक हफ्तों लग जाते थे।
लेकिन अब परिवहन मंत्रालय ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। इसके बाद लोगों को न केवल समय की बचत होती है, बल्कि बार-बार दफ्तर जाने की परेशानी से भी छुटकारा मिलता है।


🏛️ सरकार ने क्यों आसान किया ऑनलाइन आवेदन?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को डिजिटल किया।
अब कोई भी व्यक्ति अपने घर बैठे इंटरनेट के जरिए आवेदन कर सकता है। यह बदलाव डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।


📝 लर्निंग और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया

  1. लर्निंग लाइसेंस (LLR) – परमानेंट लाइसेंस से पहले लर्निंग लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
  2. समय सीमा – लर्निंग लाइसेंस मिलने के बाद 1 से 6 महीने के भीतर परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन करना पड़ता है।
  3. ऑनलाइन सुविधा – अब यह पूरी प्रक्रिया parivahan.gov.in के जरिए घर बैठे पूरी की जा सकती है।

🌐 ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. parivahan.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. “Online Services” ऑप्शन पर क्लिक करें।
  3. “Driving License” चुनें और अपना राज्य सिलेक्ट करें।
  4. अब आवेदन फॉर्म खुलेगा, जिसमें सभी डिटेल्स भरें।
  5. आवश्यक डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें –
    • आधार कार्ड
    • वोटर आईडी
    • राशन कार्ड
    • जन्म प्रमाण पत्र
    • 10वीं की मार्कशीट
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • डिजिटल हस्ताक्षर
  6. निर्धारित फीस का ऑनलाइन भुगतान करें।
  7. ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करें।
  8. तय समय पर RTO ऑफिस में टेस्ट दें।
  9. टेस्ट पास करने पर कुछ ही दिनों में लाइसेंस घर पर डाक से मिल जाएगा।

📑 किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • राशन कार्ड
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10वीं कक्षा की मार्कशीट
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • डिजिटल हस्ताक्षर

💳 फीस भुगतान और स्लॉट बुकिंग

फॉर्म भरने और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने के बाद निर्धारित एप्लिकेशन फीस का भुगतान ऑनलाइन किया जाता है।
इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। तय तारीख और समय पर टेस्ट देना अनिवार्य है।


🏆 कब मिलता है ड्राइविंग लाइसेंस?

ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस कुछ ही दिनों में तैयार होकर आवेदक के घर पर डाक द्वारा भेज दिया जाता है।
इस तरह अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की लंबी और जटिल प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो चुकी है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।


❓ ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

Q1. भारत में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की न्यूनतम उम्र क्या है?
👉 दोपहिया (बिना गियर) के लिए 16 साल और चारपहिया/अन्य वाहनों के लिए 18 साल।

Q2. क्या ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन बन सकता है?
👉 हाँ, parivahan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Q3. ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता कितनी होती है?
👉 सामान्यतः 20 साल या 50 वर्ष की उम्र तक (जो पहले आए)।

Q4. लर्निंग लाइसेंस की अवधि कितनी होती है?
👉 6 महीने तक वैध होता है।

Q5. ड्राइविंग लाइसेंस की फीस कितनी होती है?
👉 यह राज्य के अनुसार बदलती है, सामान्यतः ₹200 – ₹500 तक।

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